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राहुल गांधी ने CEC ज्ञानेश कुमार से मांगा इस्तीफा, कहा- 'BJP के खिलाफ एंटी-इंकम्बेंसी क्यों नहीं? मिल गया जवाब''

 Written By: Mangal Yadav
 Published : Sep 24, 2026 05:15 pm IST,  Updated : Sep 24, 2026 05:57 pm IST

राहुल गांधी ने प्रेस वार्ता कर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि 2024 के लोकसभा और अन्य विधानसभा चुनावों में धांधली हुई थी।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी- India TV Hindi
कांग्रेस नेता राहुल गांधी Image Source : RAHUL GANDHI YOUTUBE

नई दिल्लीः मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर हुए खुलासे के बाद विपक्ष बीजेपी पर हमलावर है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रेस कांफ्रेंस कर बीजेपी और चुनाव आयोग को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि बीजेपी पर एंटी-इंकम्बेंसी का असर नहीं हुआ, यह मेरे लिए पहेली थी। बीजेपी लगातार चुनाव कैसे जीत रही है। आज मुझे सभी सवालों के जवाब मिल गए।

राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार से मांगा इस्तीफा

राहुल गांधी ने कहा कि सभी चुनावों में धांधली हुई है। लोकसभा चुनावों में भी धांधली हुई। वोट की हिफाजत करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। ज्ञानेश कुमार पर दो चुनाव आयुक्तों ने सवाल उठाए। ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कोई केस नहीं हो सकता। राहुल गांधी ने कहा कि वोट चोरी की जांच होनी चाहिए। हम वोट चोरी नहीं होने देना चाहते। वोट चोरी से चुने गए सांसद संसद में कानून बना रहे हैं। चुनाव में वोट चोरी से सांसद और विधायक चुने जा रहे हैं। मेरे खुलासे के बाद चुनाव आयुक्तों ने चिट्ठी लिखी। चुनाव आयुक्त को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। कानून बनाकर उन्हें सुरक्षा दी गई। मुख्य चुनाव आयुक्त को इस्तीफा देना होगा। 

सभी पीएम और सीएम को एंटी-इंकम्बेंसी झेलना पड़ा

SIR प्रोसेस में गड़बड़ियों पर 2 चुनाव आयुक्तों (ECs) की आपत्ति के बारे में 'इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, "मैं हाल ही में खबरों में रही कुछ बातों पर अपनी बात रखना चाहता हूं। मैं एक राजनीतिक परिवार से आता हूं और मैंने 50 से ज़्यादा साल एक राजनीतिक परिवार में बिताए हैं। भारत में 'एंटी-इंकम्बेंसी' (सत्ता-विरोधी लहर) नाम की एक बुनियादी ताकत है, जो बहुत तेज़ी से किसी भी सरकार का विरोध करने लगती है। यह किसी को नहीं छोड़ती। इंदिरा गांधी ने बांग्लादेश युद्ध जीता था, वे अपनी लोकप्रियता के शिखर पर थीं, और फिर अचानक, एक-दो साल के भीतर ही ज़बरदस्त सत्ता-विरोधी लहर और भारी दबाव का सामना करना पड़ा। यही बात एक के बाद एक कई नेताओं के साथ होती है। 

सभी राज्यों में एक जैसा पैटर्न

राहुल गांधी ने कहा कि दो चुनाव आयुक्तों (ECs) ने SIR प्रक्रिया में गड़बड़ियों पर आपत्ति जताई थी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, "हरियाणा में पिछले 50 सालों से सत्ता एक पार्टी से दूसरी पार्टी के पास जाती रही है। अचानक एंटी-इनकंबेंसी (सरकार विरोधी लहर) गायब हो जाती है। महाराष्ट्र में भी ऐसा ही होता है। अचानक यह गायब हो जाती है। उत्तर प्रदेश में भी सत्ता बदलती रहती है। कभी समाजवादी पार्टी, कभी BSP - लेकिन वहां भी यह गायब हो जाती है। मध्य प्रदेश में भी ऐसा ही होता है, गुजरात में भी। यह हमारे लिए एक बुनियादी सवाल रहा है। हम किसी व्यक्ति की लोकप्रियता और सरकार के कामकाज को तो समझ सकते हैं, लेकिन यह समझ नहीं पाते कि एंटी-इनकंबेंसी कैसे गायब हो जाती है। 

राहुल गांधी ने कहा कि सद्दाम हुसैन के इराक में एंटी-इनकंबेंसी नहीं होती थी। उत्तर कोरिया में भी ऐसा नहीं होता। दुनिया में ऐसी कोई भी डेमोक्रेसी (लोकतंत्र) नहीं है जहां एंटी-इनकंबेंसी न हो। हमारे संविधान को अपनी ताकत उस वोट से मिलती है, जिसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है। संविधान से हमारे कानून बनते हैं और कानूनों से हमारी संस्थाएं बनती हैं। यह एक चेन (कड़ी) है... अगर वोट ही खत्म हो गया, तो हमारा संविधान भी खत्म हो गया। अगर संविधान खत्म हो गया, तो हमारे कानून गैर-कानूनी हो जाते हैं। अगर कानून गैर-कानूनी हैं, तो हमारी संस्थाओं का कोई मतलब नहीं रह जाता।

इनपुटः एएनआई

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